नज़र की दुआ | Nazar Ki Dua
इस्लाम में “नज़र” यानी बुरी नज़र को हक़ माना गया है। इसलिए नज़र का असर इंसान की ज़िंदगी, सेहत, औलाद, कारोबार और खुशियों तक पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कुरआन और हदीस में नज़र से बचने के लिए दुआएँ और अमल बताए गए हैं। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:“العين حق”“नज़र सच है।” (सहीह…
