Dua

  • नज़र की दुआ | Nazar Ki Dua

    इस्लाम में “नज़र” यानी बुरी नज़र को हक़ माना गया है। इसलिए नज़र का असर इंसान की ज़िंदगी, सेहत, औलाद, कारोबार और खुशियों तक पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कुरआन और हदीस में नज़र से बचने के लिए दुआएँ और अमल बताए गए हैं। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:“العين حق”“नज़र सच है।” (सहीह…

  • रोज़ा खोलने की दुआ | Roza Kholne Ki Dua

    रमज़ानुल मुबारक का महीना अल्लाह तआला की तरफ से रहमत, बरकत और मग़फिरत से भरपूर होता है। इस महीने में मुसलमान दिनभर अल्लाह की रज़ा के लिए भूखा-प्यासा रहकर अपने नफ़्स को काबू में रखता है। जब शाम का वक्त आता है और रोज़ेदार रोज़ा खोलता है तो यह पल अल्लाह के नज़दीक बेहद क़ीमती…

  • रोज़ा रखने की दुआ | Roza Rakhne Ki Dua

    रमज़ानुल मुबारक का महीना अल्लाह तआला की तरफ़ से अपने बन्दों के लिए एक ख़ास तोहफ़ा है। इस मुक़द्दस महीने में रोज़ा रखना इस्लाम के पाँच अर्कान में से एक है और यह हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है। रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से बचने का नाम नहीं, बल्कि यह इंसान के ईमान, सब्र और…

  • नमाज के बाद की दुआ | Namaz Ke Baad Ki Dua

    नमाज़ दीन का सुतून है और अल्लाह से राब्ता करने का सबसे बेहतरीन ज़रिया है। जब हम सलाम फेरकर नमाज़ मुकम्मल कर लेते हैं, तो वो वक़्त दुआ की क़ुबूलियत का एक ख़ास लम्हा होता है। हमारे प्यारे नबी, हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ख़ुद फ़र्ज़ नमाज़ों के बाद कुछ ख़ास ज़िक्र, तस्बीहात और दुआओं…

  • पानी पीने की दुआ | Pani Peene Ki Dua

    अल्लाह तआला ने इंसान को ज़िंदगी गुज़ारने के लिए कई नेमतें अता की हैं, जिसमें से एक सबसे बड़ी नेमत पानी हैं। जिसके बारे में अल्लाह तआला ने कुरआन में फरमाया है: وَجَعَلْنَا مِنَ الْمَاءِ كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ(“और हमने पानी से हर चीज़ को ज़िंदा किया।” – सूरह अल-अंबिया 21:30) जिससे मालूम होता है कि…

  • सब्र की दुआ | Sabr Ki Dua

    हर मुसलमान की ज़िंदगी में एक इम्तिहान का घड़ी आता है — कभी ग़म, कभी नुकसान, कभी बीमारी, कभी अपनों का जुदा होना। ऐसे हालात में जो चीज़ हमें मजबूत रखती है, वो सब्र है। सब्र करना कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि यह एक मोमिन की पहचान है। अल्लाह तआला कुरआन में बार-बार सब्र की…

  • खाना खाने की दुआ | Khana Khane Ki Dua

    इस्लाम में हर काम को करने के लिए एक खास दुआ होती है, ताकि हम हर काम को दुआ पढ़कर शुरू करें। जिससे हमें उस काम को करने में बरकत और नेकी मिले। हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ ने हमें खाने-पीने से लेकर सोने-जागने तक हर चीज़ का तरीका सिखाया है। खाना खाना रोज…

  • सोने की दुआ | Sone Ki Dua

    जब हम दिन भर काम करके थक जाते हैं, तो हमारा जिस्म और दिमाग दोनों आराम चाहता हैं। इसलिए हमें रात को सोना पड़ता है। लेकिन अगर हम रात को सोने से पहले अल्लाह को याद कर ले और दुआ पढ़कर सो जाए, तो हमें और भी चैन और सुकून की नींद आ जाएगी। इस्लाम…

  • सफ़र की दुआ | Safar Ki Dua

    जब भी हम लोग कही बाहर सफ़र पर जाते है – चाहे वोह बाइक, कार, ट्रेन या हवाई जहाज पर हो, तो हम अपने हिफाज़त के लिए बहुत सारे इन्तेजाम पहले ही कर लेते है। लेकिन एक सच्चा मुसलमान अपनी हिफाज़त सिर्फ हेलमेट या सीट बेल्ट से नहीं करता है, बल्कि सफ़र की शुरुवात अल्लाह…

  • दूध पीने की दुआ | Doodh Peene Ki Dua

    दूध, अल्लाह तआला की एक खास नेअमत है। यह, ना सिर्फ जिस्म को ताक़त और क़ुव्वत देती है, बल्कि इसमें शिफा और फायदेमंद अजज़ा (components) भी मौजूद होते हैं। हमारे प्यारे नबी ﷺ ने दूध को पसंद फरमाया है और इसे पीते वक्त एक खास दुआ भी सिखाई, ताकि हम सिर्फ जिस्मानी फायदा ही नहीं…